सर्दी की रात में पापा मम्मी की मस्ती
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हैल्लो दोस्तों.. मेरी यह पहली कहानी है। मुझे यकीन है कि आप लोगो को मेरी ये कहानी भी पसंद आयेगी। मेरे पापा की एक शॉप है और उन्हें अपनी शॉप का माल लेने बाहर जाना पड़ता है तो ये कहानी उस रात की है.. जब मेरे पापा शॉप का सामान लेकर वापस आये तो रात के 2 बजे थे। मम्मी ने पापा को खाना निकालकर दिया.. तब में सो रहा था.. लेकिन दरवाजे के खुलने की आवाज़ से में जाग गया था.. लेकिन में सोने का नाटक कर रहा था। फिर पापा ने खाना खाया और मम्मी से कहा कि बहुत ज्यादा सर्दी लग रही है और रज़ाई ओड़ ली।
कुछ देर बातें करने के बाद पापा मम्मी के बदन पर हाथ फेरने लगे.. लेकिन फिर मम्मी ने कहा कि अभी बहुत रात हो गई और अब इस समय करना ठीक नहीं है और विश भी बगल में सो रहा है.. कहीं वो जाग ना जाये तो पापा ने कहा कि यहाँ मुझे सर्दी लग रही है और तुम रोज़ की तरह ड्रामा कर रही हो। तब मम्मी ने कहा कि तुम तो बहुत परेशान करते हो। में उनके बगल में ही लेटकर उनकी बातें सुन रहा था। फिर मैंने अपनी पलकों को इस अंदाज़ में धीरे से खोला कि वो बंद सी दिखाई पड़े। फिर मैंने देखा कि पापा मम्मी को किस कर रहे थे और ये कहे जा रहे है कि आज बहुत ज्यादा सर्दी लग रही है.. रज़ाई में भी पैर गर्म नहीं हो रहे है। अब तो तुम्हारे शरीर की गर्मी ही कुछ कर सकती है।
उनकी इस बात पर मम्मी ने कहा कि हमारी शादी को 25 साल हो गये.. लेकिन तुम्हारी भूख ख़त्म नहीं हुई। पापा ने कहा कि तुम तो रसीली जवानी के रस से भरा फूल हो और में तुम्हारी जवानी का रस पीने वाला भंवरा हूँ। मम्मी इस बात पर हंस पड़ी.. मम्मी जो अभी तक कुछ नाराज़ थी। अब पापा का पूरा साथ दे रही थी। दोनों एक दूसरे को लगातार किस कर थे.. जिससे पच-पच की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी और शरीर के टकराव से दोनों की सेक्स वासना जाग चुकी थी और दोनों पूरी मस्ती के मूड में थे.. वो इस बात से अंजान थे कि उनका लड़का उन्हे चुदाई करते देख रहा है। अब मैंने देखा कि पापा ने अपने किस का दायरा बढ़ा दिया है और अब तो वो मम्मी के लिप के साथ साथ गर्दन, कंधे और छाती को भी चूम रहे थे.. लेकिन वो दोनों लोग अभी कपड़े पहने हुए थे.. इस वजह से वो दोनों इतनी देर किस करने के बाद भी कुछ कम ही गर्म हुए थे। पापा इस बात को समझ गये और अपने सारे कपड़े उतार दिए और मम्मी की भी साड़ी उतारने लगे तो अब पापा अंडरवियर और बनियान में थे और मम्मी पेटिकोट और ब्लाउज में थी।
फिर पापा ने मम्मी से कहा कि जान अब तुम्हारे शरीर की गर्मी मुझे ठीक तरह से मिल पायेगी और इतना कहकर उन्होंने मम्मी को अपनी गोद में उठाया और बिस्तर पर ले जाकर पटक दिया और पापा मम्मी के ऊपर आ गये और वो दोनों एक दूसरे को फिर से चूमने चाटने लगे। पापा एक तरफ तो मम्मी के बदन के कोने-कोने पर किस कर रहे थे तो कभी वो गर्दन पर, किस करते तो कभी कंधो पर तो कभी पीठ पर किस करते। मम्मी भी पापा को किस कर रही थी और उनके हाथ पापा की पीठ पर चल रहे थे और अब पापा एक हाथ से मम्मी के ब्लाउज के ऊपर से ही मम्मी की चूचियाँ दबा रहे थे और एक हाथ मम्मी की पीठ और कंधो पर फेर रहे थे। कुछ देर बाद पापा बिस्तर से उठे और अपनी बनियान और अंडरवियर उतार दी। अब उनका लंड जो कि बिल्कुल खड़ा हुआ साफ दिख रहा था।
पापा धीरे से बिस्तर पर आये और उन्होंने मम्मी के ब्लाउज का बटन खोल दिया और उसे निकाल दिया। पापा अब मम्मी की चूचियों को ब्रा के ऊपर से दबा रहे थे और पापा का हाथ मम्मी की कमर पर कसता चला जा रहा था और दोनों एक-दूसरे को सहला रहे थे। मेरा ध्यान अचानक मम्मी के पेटिकोट पर गया.. जो लगातार कुछ उठ रहा था। मेरे ध्यान देने पर मैंने देखा कि पापा का एक हाथ मम्मी की पेंटी के अंदर जाने के कारण ऐसा हो रहा है। पापा अब मम्मी की चूची और योनि दोनों को मसल रहे थे.. जिससे मम्मी बहुत गर्म हो गई थी। मम्मी पापा से कह रही थी कि जानू अब बस करो और चोद दो तो फिर पापा ने कहा कि नहीं मेरी रानी ऐसे मज़ा नहीं आयेगा। अब पापा ने मम्मी की ब्रा का हुक खोल दिया.. जिससे मम्मी की चूचियाँ ब्रा की क़ैद से आजाद हो गई.. वो कुछ खड़ी भी लग रही थी और उनकी काली निप्पल तनी हुई थी.. जिसको पापा बार-बार दबा रहे थे और बीच-बीच में काट भी रहे थे। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
मम्मी की सिसकारियाँ निकले जा रही थी और मुझे पता चल गया था कि मम्मी अब बहुत ज़्यादा गर्म हो गई है.. लेकिन पापा इतने से कहाँ मानने वाले थे.. वो तो आज तक की बची हुई कसर पूरी करने के मूड में थे। पापा अब मम्मी के शरीर के ऊपरी भाग से नीचे की तरफ आ रहे थे और मम्मी की कमर नाभि और जाँघो पर लगातार किस कर रहे थे और उन पर हाथ फेर रहे थे तो दूसरी और मम्मी की योनि में उंगली डालकर उनकी आग को भड़का रहे थे.. जिस कारण मम्मी ने कई बार पानी छोड़ दिया था और चुदने के लिए पूरी तरह तैयार थी। ये सब होते होते 3 बज गये तो मम्मी बोली कि अब सहा नहीं जाता, मेरे राजा.. अब चोद भी दो। तो पापा ने कहा कि ठीक है रानी अभी चोदता हूँ और इतना कहकर उन्होंने अपने आपको मम्मी की जाँघो के बीच में इस तरह सेट किया कि उनके लंड का सुपाड़ा मम्मी की चूत के दरवाजे से जा टकराया और पापा ने लंड को चूत के मुँह पर सेट किया और धीरे-धीरे धक्के देने लगे.. क्योंकि चूत पूरी तरह से गीली थी। इस कारण लंड दो तीन बार में ही पूरी तरह से अंदर चला गया और मम्मी के मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी। पापा भी बीच-बीच में सिसकारी ले लेते थे.. जिससे सारा कमरा सिसकारियों की गूँज से भर गया था।
फिर पापा मम्मी को धीरे धीरे चोद रहे थे.. क्योंकि कहीं में जाग ना जाऊँ और उन्हें मज़ा भी आ रहा था। उन्हें क्या पता था कि उनका बेटा उनकी चुदाई देख रहा है। करीब 5 मिनट के बाद मम्मी का शरीर अकड़ गया और में समझ गया कि वो झड़ गई है। पापा ने भी अब अपनी स्पीड बढ़ा दी और 2 मिनट के बाद वो भी झड़ गये और वैसे ही बिना कपड़ो में सो गये। फिर मुझे भी कुछ देर बाद नींद आ गई। दोस्तों ये थी मेरे पापा मम्मी की चुदाई कथा ।।
धन्यवाद …
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